उत्तर प्रदेशलखनऊ

Lucknow Eid Update: लखनऊ में ‘ईद’ की धूम! ऐशबाग ईदगाह में सुबह 10 बजे अदा होगी नमाज; बाजारों में देर रात तक रौनक, सुरक्षा के कड़े पहरे

लखनऊ: नवाबों के शहर लखनऊ में माह-ए-रमजान के तीस रोजे शुक्रवार को मुकम्मल हो गए हैं। चांद के दीदार के साथ ही अब शनिवार को पूरे जिले में अकीदत और एहतराम के साथ ईद-उल-फितर का त्योहार मनाया जाएगा। शहर की ऐतिहासिक ईदगाहों और मस्जिदों में नमाज की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। ऐशबाग से लेकर अमीनाबाद तक, हर तरफ खुशियों का माहौल है और लोग एक-दूसरे को गले मिलकर मुबारकबाद देने को बेताब हैं।

ऐशबाग ईदगाह: सुबह 10 बजे मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली कराएंगे नमाज

राजधानी लखनऊ की सबसे प्रमुख ऐशबाग ईदगाह में नमाज का मुख्य आयोजन होगा। इस्लामिक सेंटर ऑफ इंडिया के चेयरमैन और शहर काजी मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली सुबह ठीक 10 बजे ईद की नमाज अदा कराएंगे। इसके बाद सुबह 10:15 बजे सामूहिक दुआ का आयोजन होगा। इस खास मौके पर मुल्क में अमन-चैन, तरक्की और आपसी भाईचारे की मजबूती के लिए विशेष दुआ मांगी जाएगी। शहर की अन्य मस्जिदों में भी नमाज के अलग-अलग समय निर्धारित किए गए हैं ताकि नमाजियों को असुविधा न हो।

बाजारों में ‘आधी रात’ वाली रौनक: सेवइयों और कपड़ों की भारी डिमांड

ईद को लेकर लखनऊ के बाजारों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। अमीनाबाद, चौक, नक्खास और हजरतगंज जैसे प्रमुख इलाकों में पैर रखने तक की जगह नहीं है। देर रात तक लोग कपड़ों, जूतों, इत्र और टोपियों की खरीदारी में मशगूल दिखे।

ड्रोन से निगरानी और ट्रैफिक डायवर्जन लागू

ईद की नमाज को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए लखनऊ पुलिस और प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है। ऐशबाग ईदगाह और टीले वाली मस्जिद समेत सभी संवेदनशील इलाकों में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। माज के समय ईदगाह की ओर जाने वाले कई रास्तों को डायवर्ट किया गया है। पार्किंग के लिए अलग से स्थान चिह्नित किए गए हैं। नगर निगम की ओर से ईदगाहों के आसपास विशेष सफाई अभियान चलाया गया है और चूने का छिड़काव व जलापूर्ति सुनिश्चित की गई है।

जरूरतमंदों की मदद और गले मिलने की रस्म

ईद-उल-फितर का त्योहार केवल खुशियां मनाने का ही नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता का भी प्रतीक है। इस मौके पर लोग ‘फितरा’ (दान) के जरिए जरूरतमंदों की मदद कर रहे हैं ताकि हर घर में ईद की खुशियां पहुंच सकें। नमाज के बाद लोग एक-दूसरे के घर जाकर सेवइयों का लुत्फ उठाएंगे और आपसी गिले-शिकवे भुलाकर भाईचारे की मिसाल पेश करेंगे।

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